तेजोसूर्य -डा. बाबासाहेब आंबेडकर

जब जातीय उच्च-नीचता

एवं विषमता के जहर ने समाज का अन्तरंग

दूषित एवं कलुषित कर डाला था,

एक ही देश में रहकर लोग

एक दूसरे का तिरस्कार करने लगे थे,

देश की सामाजिक एकता

जातियों के हज़ारों टुकड़ों में

खण्ड विखंडित होकर बिखर गई थी,

तब परिणाम स्वरूप भारत

विदेशियों के आक्रमणों में

एक हजार सालों से

लगातार हारता गया।

क्योंकि अखण्ड भारत को

जाति भेद के जहर ने

नाकाम और नपुंसक बना दिया था,

बड़े दुर्भाग्य की

और मूर्खतापूर्ण बात यह है कि

हिन्दुओं ने विदेशी विजातिय बादशाहों की

राजनीतिक गुलामी मंज़ूर की,

लाचार बनकर उनके चरणों में

1000 साल तक पड़े रहें,

लगातार १५० साल तक अंग्रजों के तलुए चाटते रहे

लेकिन उच्चवर्गीय होने का ‘दंभ’

कभी भी नहीं छोड़ा।

अपने ही धर्म के लोगों को,

दीन-दलित आदिवासियों को,

बराबरी का स्थान नहीं दिया।

शूद्र कहते हुए

धार्मिक गुलामी की श्रृंखला में

उन्हें बाँधकर रखा।

अस्पृश्यता या छुआ-छूत की

इस प्रथा के कारण

 ‘इन्सान ने’

‘इन्सान को’

‘इन्सान समझना’ ही छोड़ दिया था।

हिन्दू धर्म की पवित्र विचार धारा को

चातुर्वर्ण्यं व्यवस्था ने कलंकित कर डाला।

देश और धर्म की एकता को

 खंड-विखन्डित कर दिया।

कर्म आधारित अर्थात

श्रम अधिष्ठित समाज व्यवस्था को

मुट्ठी भर स्वार्थी लोगों ने

जन्म आधारित चातुर्वर्ण्य धर्म बना डाला।

तथाकथित कर्मकांड एवं आडम्बरों को

धर्म का जामा पहनाकर

जाति, पंथ, संप्रदाय का खेल शुरू किया।

‘तोड़ो और राज करो’ की नीति

विश्व बन्धुता को

 जिन्दा गाड़कर अपनाई गई।

धर्म का मर्म न समझने वाले

 धार्मिक हो गए।

५०००से ज्यादा जाति उपजाति के टुकड़ों में

इस समाज को बिखेर दिया गया।

अन्न,वस्त्र, निवास, शिक्षा,आरोग्य

तो छोड़ ही दो,

पीने के पानी पर भी

दलितों का अधिकार नही था।

बड़े महलों, तटबंदियाँ,पुल,कुएँ

आदि की नींव में

जिंदा गाडकर उनकी बलि चढाई जाती थी।

ऐसे वक्त एक तेजोसूर्य का जन्म हुआ।

जिसने हजारों सालों की

 गुलामी में जो सड़ रहें थे,

उन दलितों को

गुलामी की श्रृंखला से

मुक्त करने का जिम्मा उठाया।

उनका नाम था-

‘भीमराव रामजी आंबेडकर ‘।

जिसे हजारो शोषितों ने  

प्यार से अपना नाम दिया

‘बाबासाहेब आंबेडकर ‘।

– राजेंद्र राणे.
speechobookhindi.wordpress.com

Ref –
Dr. Babasaheb Ambedkar,(Part-1) Speech by Rajendra Rane
(on Youtube videos )

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