छ.शिवाजी -भारत के ‘हृदय-सम्राट’ थे।

 

अरे! …..यूरोप के छोटे छोटे देशों के

ऐसे राजा, ….जिन्होंने ज़िन्दगी में

एक या दो लड़ाइयाँ खेली,

उनके उपर बनाए गई

बडी-बडी हॉलीवुड की फिल्मों को

सिर पर रखकर नाच कर

उनके इतिहास को सराहने वाले हम।

जब शिवाजी महाराज जैसे महारथी राजा के

बारे में जब परायेपन का एहसास कराते हैं।

प्रांतीय संकुचितता से या अहंकार से,

उन्हें छोटा दिखने की जब कोशिश करते हैं।

विरोध के लिए सिर्फ विरोध किया जाता है ।

सारी पार्टियों के नेता लोग…….

जब राजनीति की दृष्टि से या स्वार्थ से

शिवाजी महाराज की तरफ देखते हैं-

तो बहुत दर्द होता हैं।

अपनी सड़ी हुई मानसिकता से उन्हें

संकुचितता का शिकार मत करो।

शिवाजी राजा का यह राज्य,

गुजरात के धरमपुर से लेकर-

कर्नाटक के तंजावर तक,

फैला हुआ था।

लेकिन उनसे ही प्रेरणा लेकर

उनके शूर मराठा सरदारों ने

शिवाजी महाराज के

स्वर्गवास के उपरांत १७६० तक

सिर्फ ८० साल के अंदर

मुगल सल्तनत को

नेस्तनाबूद करते हुए…..

संपूर्ण उत्तर भारत में राज्य फैलाया।

जनता के दिल में स्वतंत्रता की भावना को

राजा शिवाजी ने

इस प्रकार प्रज्वलित कर दिया

की औरंगज़ेब द्वारा

उनके पुत्र संभाजी महाराज का

वध कर देने के बाद भी…..

पौत्र शाहू महाराज को कारागार में

डाल देने के उपरांत भी …..

तथा समस्त राज्य को

सैन्य शक्ति द्वारा रौंद डालने पर भी….

मराठों ने स्वतंत्रता बनायी रखी ।

उसी से भविष्य में विशाल मराठा

साम्राज्य की स्थापना हुई।

मैसुर से लेकर बंगाल तक,

उड़ीसा से लेकर

आज के पाकिस्तान के

लाहौर और मुल्तान प्रान्त तक,

वहाँ से-कश्मीर तक,

आज के भारत और पाकिस्तान के

लगभग दो तिहाई इलाके में

मराठों का साम्राज्य फैला हुआ था।

जो ब्रिटिश ईस्ट इण्डिया कंपनी

राज तक अस्तित्व में रहा।

उसके सबूत तंजावर, बडौदा, इदौर,

ग्वालियर, झाँसी आदि राजघरानों

के रूप में आज भी विद्यमान हैं।

इस विशाल मराठा साम्राज्य का

बीज बोया था छत्रपति शिवाजी नें।

इसी लिए मै दावे के साथ कहता हूँ ….

शिवाजी महाराज भारत के ‘हृदय-सम्राट’ थे ।

इस देश के आन-बान,

और शान के प्रतिक थे।

– राजेंद्र राणे.
speechobookhindi.wordpress.com

Ref –
Shivaji Maharaj,(Part-1) Speech by Rajendra Rane
(on Youtube videos )

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